Saturday, August 27, 2011

73 राजस्व गांव के 70 हजार आबादी के लिए गंभीर बीमारी के इलाज के लिए, यह दुर्घटना पीडि़तों के एक्सरे के लिए एक एक्सरेमशीन भी नहीं है। डाक्टर हैं तो वो


PHC -KAMDARA
गुमला जिला में कमडारा प्रखंड जिला मूख्यालय से पूरब दिशा में जिला का अंतिम प्रखंड है। जो खूटी जिला के िक्षमि छेत्र से सटा हुआ है। प्रखंड में 73 राजस्व गांव हैं। इसमें 10 पंचायत आतें हैं। प्रखंड की आबादी 70 हजार तक है। इतनी बड़ी आबादी के लिए प्रखंड स्तर में एक सामुदायिक स्वस्थ्य केंन्द्र प्रखंड मुख्यालाय में हैं। दुखद बात तो यह है कि 73 राजस्व गांव के 70 हजार आबादी के लिए गंभीर बीमारी के इलाज के लिए, यह दुर्घटना पीडि़तों के एक्सरे के लिए एक एक्सरेमशीन भी नहीं है। डाक्टर हैं तो वो भी नदारत।
प्रखंड के नागरिकों के स्वस्थ्य के देख रेख की जिम्मेवारी सामुदायिक स्वस्थ्य केंन्द्र में पदास्थापित तीन डाक्टरों सहित अन्य कर्मचारियों को दी गयी है। 27 अगस्त को स्वस्थ्य केंन्द्र के सामने ही रोड़ दुर्घटना में दो लोग घायल हुए। इनमें जीवन मसीह सुरिन पिम्पी को गंभीर चोट आयी। रघो साहू को भी पैर में चोट लगा। दोनों पीडितों को 25 मिनट तक बाहर बेंच पर सुलाये रखे। फस्ट एड के नाम पर एक सूई केवल दिया गया। बेंडेज करने के लिए कहा गया-तब पीडि़तों को अंदर ले जाया गया और बेंडेज किया गया।
कितना चोट आया हैं, अब बेंडेज के बाद इनका इलाज कैसे होगा -यह पूछने पर वहां मौजूद कर्मचारी बोले-मैडम आप को एम्बूलेंस दे देगें, आप मरीज को बसिया ले जाइये या रांची जे जाईए। ठीक है लेकिन कितना अंतरिक चोट आया है-इसका तो पता लगे पहले। इस के जबाव में कर्मचारी बोले-हां एक्सरे होगा, तभी बता पाऐंगें। ठीक है तो -इंतजार कर रहे हैं-आप जल्दी एक्सरे किजीए। इस पर फरमासिस्ट श्री सुबोध प्रसाद कहते हैं-यहां एक्सरे मशीन नहीं हैं, एक्सरे के लिए दूसरा जगह ले जाना होगा। वहां मौजूद ब्लोक एकाउंटेंट मैनेजर श्री सब्यसच्ची कर्मकार कहते हैं-मरीज को रेफर कर दिया जाएगा, इसके बाद आप दूसरे जगह इलाज के लिए ले जाईए।
जब उनसे पूछा गया कि कौन डाक्टर अभी देख रहे हैं? इसके जवाब में कर्मचारियों ने कहा, अभी तो कोई डाक्टर यहां नहीं हैं। अगर डाक्टर इन्हें देख नहीं रहा है तो कौन मरीज को रेफर करेगा। इस सवाल पर सभी चूपी साधे रहे। विदित हो कि स्वस्थ्य केंन्द्र में टांगी गयी डयूटी चाट के अनुसार विफे के दिन सुबह छह बजे से दोपहर 2 बजे तक डा रूचि भूषण की है तथा 2 बजे से रात के 10 बजे तक डा राजेश कुमार की है। कर्मचारियों ने बताया -10 बजे से 2 बजे तक डा रूचि केंन्द्र में थी। लेकिन अभी कोई भी डाक्टर यहां नहीं मिले।
कर्मचारियों से जब कहा गया कि सरकारी स्वस्थ्य केंन्द्र में एक्सरे मशीन नही तो पीडितों को एक्सरे कराने के लिए दूसरा जगह ले जाने के लिए क्या व्यवस्था है। इसके जावब में कर्मचारियों ने बताया-जब डाक्टर रेफर के लिए लिखते हैं-तब एम्बुलेंस दिया जाता है और उसके लिए डीजल भी दिया जाता है। इस पर कर्मचारियों से सवाल किया गया-कि यहां तो डाक्टर ही नहीं हैं तो कौन रेफर के लिए लिखेगा। बहुत दबाव के बाद दोनों पीड़ितों को बसिया रेफरल हॉस्पिटल एक्सेरी करने ले जाने के लिए अम्बुलेंस मिला. सरकारी हॉस्पिटल में ग्रामीणों के सेवा के लिए--सभी बेवस्था होना चाहिए..इसके मांग आप लोगों को करना चाहिए...आप नहीं करते हैं तो ये आप लोगों की कमजोरी है..अम्बुलेंस में तेल आप को ही देना है..इस पर आनन-फनन में ३०० रुपये तेल के लिए तथा १०० रूपया एक्सेरे के लिए दिया गया.
यहां टी बी जैसे गंभीर रोगियों सहित अन्य रोगियों के लिए कौन कौन सा दवा केंन्द्र में उपलब्ध हैं। इसकी जानकारी देने के लिए लैब फिजिसियन श्रीकांत निराला को खोजा जाने लगा। थोडी देरे में श्रीकांतजी आये। बताये कैट वन और कैट टू ही उपलब्ध है।
इतनी बड़ी आबादी वाली सामुदायिक स्वस्थय केंन्द्र सुविधा विहीन है। यहां तीन डाक्टर के अलावे सिर्फ दो नर्स हैं। आरती कुमारी सामुदायिक स्वस्थय केंन्द्र के लिए है। दूसरी सुशीला लकड़ा कमडारा शहरी क्षेत्र के लिए है। लैब फिजिशियन तथा ब्लोक एकाउंटेट अनुबंध में हैं।

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